तत्पुरुष : ' यहाँ जितनीी प् ' के विषय में कौन - सा कथन सही है ?
○ ii) समाहार द्वन्द्व— जहाँ अनेेक वस्तुओं का संग्रह दिखाया जाता है…
यहाँ जितनीी प्रधानता ' लव ' की है उतनीी हीी प्रधानता ' कुश ' की भीी…
○ यवाश्च चचणकाश्च = यवचचणकम्
○ समूह की प्रधानता रहती है , वहाँ समाहार द्वन्द्व समास होता है।
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यह विवरण अध्याय में स्पष्ट रूप से दिया गया है। — Examisthan.com